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#😘😘😘###gajal &shayari###😘😘😘
😘😘😘###gajal &shayari###😘😘😘 - अब कहाँ वो लोग मिलेंगे ग़ज़लः मिले भी तो बस फासलों की दास्तां लेकर, वो चले गए मेरी खुशियों का जहान लेकर। तेरी यादों के चिराग जलते हैं आज भी दिल में, हम बैठे हैं तन्हा खुद को ही मेहमान लेकर। था ट्रट कर॰ वो पत्थर के निकले, जिन्हें चाहा हाथों में वफ़ा का सामान लेकर। जान थे हम भी ऐ दोस्त, कभी महफिल की खामोश बैठे हैं लबों पर मुस्कान लेकर। अब जरा भी मलाल नहीं मेरे बिखर जाने का, वो फिर से सजे हैं किसी और का अरमान लेकर। अब कहाँ वो लोग मिलेंगे ग़ज़लः मिले भी तो बस फासलों की दास्तां लेकर, वो चले गए मेरी खुशियों का जहान लेकर। तेरी यादों के चिराग जलते हैं आज भी दिल में, हम बैठे हैं तन्हा खुद को ही मेहमान लेकर। था ट्रट कर॰ वो पत्थर के निकले, जिन्हें चाहा हाथों में वफ़ा का सामान लेकर। जान थे हम भी ऐ दोस्त, कभी महफिल की खामोश बैठे हैं लबों पर मुस्कान लेकर। अब जरा भी मलाल नहीं मेरे बिखर जाने का, वो फिर से सजे हैं किसी और का अरमान लेकर। - ShareChat