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#दर्दनाक #छत्तीसगढ़ #🆕 ताजा अपडेट
दर्दनाक - परीक्षा के एक रात पहले व्हॉट्स एप में वायरल हुए १२वीं हिंदी के प्रश्न! Fomarded LOarೂd Ek baar dekh lena Sel3 .1 -0== हरिभूमि न्यूज ) रायपुर एनएसयूआई का आरोप, जांच  की मांग को लेकर आज करेंगे IeT माध्यमिक সভল मंडल का घेराव : आयोजित १२वीं बोर्ड परीक्षा सवालों माशिम ने १४ मार्च को आयोजित के घेरे में आ गई है। कांग्रेस की छात्र की थी १२वीं कक्षा की हिंदी परीक्षा एनएसयूआई ने परीक्षा के एक  इकाई रात पूर्व व्हॉट्सऐप पर हिंदी की সঁ পূন্ত  अगले दिन हिंदी की परीक्षा में परीक्षा गए सवाल वायरल गए। यहां तककि सवाल के क्रम होने का आरोप लगाया है। जांच की मांग को लेकर एनएसयूआई आज एक जैसे ही हैं। माध्यमिक शिक्षा मंडल का घेराव मंडल ने नहीं दिया जवाब करेगी | संगठन ने अपने आरोपों के पूरे मामले पर माध्यमिक शिक्षा  समर्थन में व्हॉट्सऐप ग्रुप   के मंडल का पक्ष जानने संपर्क करने स्क्रीनशॉट पेश किए हैं। इसमें १३ की कोशिश की गई लेकिन उनके मार्च की रात लगभग 2 बजकर ४१ द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। एकेडमी मिनट जीनियस गौरतलब है, माशिम दसवीं बारहवीं पर की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन ऑनलाइन नाम के एक व्हाटसऐप चैनल पर एक महिला द्वारा दो पन्नों आज से प्रारभ करने जा रहा है। इसके लिए प्रदेश के ३१ जिलों में ३६ पर लिखे हुए १५ सवाल भेजे गए। { हैं।रायपुर के दानी  केंद्र बनाए गए करीब 2 बजकर ४४ मिनट पर इसी गर्ल्स स्कूल और प्रो जेएन पांडेय  महिला ने आगे लिखा-इसे भी देख विद्यालय में कॉपिया जांची जाएंगी| लेना। आरोपों के मुताबिक, दो पन्नों  संबंधित मूल्यांकन केंद्रों में पर जो सवाल लिखे गए थे, वे ही उत्तरपुरितकाएं भेज दी गई हैं। १३ मार्च की रात वायरल हुए प्रश्न एनएसयूआई के विवि प्रभारी पुनेश्वर लहरे का आरोप है कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की १२वीं कक्षा की हिंदी परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था। १३ मार्च की रात को जो प्रश्नपत्र व्हॉट्सऐप ग्रुप में  वायरल हो रहा था वही प्रश्नपत्र १४ मार्च को आयोजित बोर्ड परीक्षा में देखने को मिला जिससे माध्यमिक शिक्षा मंडल की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था पर 5 भविष्य से जुड़ा  गंभीर सवाल खड़े होते हैं।यह मामला लाखों मेहनती छात्रों के हुआ है इसलिए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त की कि सरकार और माध्यमिक शिक्षा  कार्रवाई की जानी चाहिए। उव्होने मांग मंडल इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सच्चाई सामने लाएं और छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ न होने दें। परीक्षा के एक रात पहले व्हॉट्स एप में वायरल हुए १२वीं हिंदी के प्रश्न! Fomarded LOarೂd Ek baar dekh lena Sel3 .1 -0== हरिभूमि न्यूज ) रायपुर एनएसयूआई का आरोप, जांच  की मांग को लेकर आज करेंगे IeT माध्यमिक সভল मंडल का घेराव : आयोजित १२वीं बोर्ड परीक्षा सवालों माशिम ने १४ मार्च को आयोजित के घेरे में आ गई है। कांग्रेस की छात्र की थी १२वीं कक्षा की हिंदी परीक्षा एनएसयूआई ने परीक्षा के एक  इकाई रात पूर्व व्हॉट्सऐप पर हिंदी की সঁ পূন্ত  अगले दिन हिंदी की परीक्षा में परीक्षा गए सवाल वायरल गए। यहां तककि सवाल के क्रम होने का आरोप लगाया है। जांच की मांग को लेकर एनएसयूआई आज एक जैसे ही हैं। माध्यमिक शिक्षा मंडल का घेराव मंडल ने नहीं दिया जवाब करेगी | संगठन ने अपने आरोपों के पूरे मामले पर माध्यमिक शिक्षा  समर्थन में व्हॉट्सऐप ग्रुप   के मंडल का पक्ष जानने संपर्क करने स्क्रीनशॉट पेश किए हैं। इसमें १३ की कोशिश की गई लेकिन उनके मार्च की रात लगभग 2 बजकर ४१ द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। एकेडमी मिनट जीनियस गौरतलब है, माशिम दसवीं बारहवीं पर की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन ऑनलाइन नाम के एक व्हाटसऐप चैनल पर एक महिला द्वारा दो पन्नों आज से प्रारभ करने जा रहा है। इसके लिए प्रदेश के ३१ जिलों में ३६ पर लिखे हुए १५ सवाल भेजे गए। { हैं।रायपुर के दानी  केंद्र बनाए गए करीब 2 बजकर ४४ मिनट पर इसी गर्ल्स स्कूल और प्रो जेएन पांडेय  महिला ने आगे लिखा-इसे भी देख विद्यालय में कॉपिया जांची जाएंगी| लेना। आरोपों के मुताबिक, दो पन्नों  संबंधित मूल्यांकन केंद्रों में पर जो सवाल लिखे गए थे, वे ही उत्तरपुरितकाएं भेज दी गई हैं। १३ मार्च की रात वायरल हुए प्रश्न एनएसयूआई के विवि प्रभारी पुनेश्वर लहरे का आरोप है कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की १२वीं कक्षा की हिंदी परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था। १३ मार्च की रात को जो प्रश्नपत्र व्हॉट्सऐप ग्रुप में  वायरल हो रहा था वही प्रश्नपत्र १४ मार्च को आयोजित बोर्ड परीक्षा में देखने को मिला जिससे माध्यमिक शिक्षा मंडल की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था पर 5 भविष्य से जुड़ा  गंभीर सवाल खड़े होते हैं।यह मामला लाखों मेहनती छात्रों के हुआ है इसलिए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त की कि सरकार और माध्यमिक शिक्षा  कार्रवाई की जानी चाहिए। उव्होने मांग मंडल इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सच्चाई सामने लाएं और छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ न होने दें। - ShareChat