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#मेरा प्यार इस्लाम। #इस्लामिक पोस्ट।
मेरा प्यार इस्लाम। - जो पूछा नबी ने कि कुछ घर भी छोड़ा तो सिद्दीक अकबर के होंठों पे आया वहां माल ओ दोलत की क्या हे ज़रूसत অচা নিল का दिल चाहता लुटाने ' बेशक बेशक माशा अल्लाह सितारों सेये चाँद कहता हे हरदम तुम्हें क्या बताएँचो కౌగక]' काआलम इशारे में आका के इतना मज़ा था फिरटूट कि जाने का दिल चाहता जो पूछा नबी ने कि कुछ घर भी छोड़ा तो सिद्दीक अकबर के होंठों पे आया वहां माल ओ दोलत की क्या हे ज़रूसत অচা নিল का दिल चाहता लुटाने ' बेशक बेशक माशा अल्लाह सितारों सेये चाँद कहता हे हरदम तुम्हें क्या बताएँचो కౌగక]' काआलम इशारे में आका के इतना मज़ा था फिरटूट कि जाने का दिल चाहता - ShareChat