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#जयगुरुदेव नाम प्रभु का #जयगुरुदेव
जयगुरुदेव नाम प्रभु का - दीनता' - रूहानी खजाना "झुकता वही है जिसमें जान होती है, अकड़ना तो मुर्दे की पहचान होती है।" मेरे प्रिय प्रेमियों , भक्ति के बाज़ार में सब कुछ मिल सकता है, पर ' दीनता' खरीदी नहीं जा सकती। यह तो गुरु की दया का वो झरना है जो केवल বাল हृदयों झुकने में बहता है। गुरु महाराज का वो अनमोल दृष्टांतः सोचिए! कुएं से पानी वही बाल्टी ला पाती है जो है। जो अकड़कर झुकती ऊपर रहती है, वह खाली रह जाती है। गुरु की रहमतों से भरने का भी यही एक गुप्त रास्ता है। सच्ची दीनता के तीन स्तंभः मौन न्यायः किसी की =4<#[, बुराई  1 अपनी कमियों पर नज़र रखना। अहंकार का त्यागः सबको खुद से 2 श्रेष्ठ समझना। की कृपा, समर्पणः सफलता गुरु 3 विफलता अपनी कमी।| दीनता' - रूहानी खजाना "झुकता वही है जिसमें जान होती है, अकड़ना तो मुर्दे की पहचान होती है।" मेरे प्रिय प्रेमियों , भक्ति के बाज़ार में सब कुछ मिल सकता है, पर ' दीनता' खरीदी नहीं जा सकती। यह तो गुरु की दया का वो झरना है जो केवल हृदयों झुकने में बहता है। गुरु महाराज का वो अनमोल दृष्टांतः सोचिए! कुएं से पानी वही बाल्टी ला पाती है जो है। जो अकड़कर झुकती ऊपर रहती है, वह खाली रह जाती है। गुरु की रहमतों से भरने का भी यही एक गुप्त रास्ता है। सच्ची दीनता के तीन स्तंभः मौन न्यायः किसी की =4<#[, बुराई  1 अपनी कमियों पर नज़र रखना। अहंकार का त्यागः सबको खुद से 2 श्रेष्ठ समझना। की कृपा, समर्पणः सफलता गुरु 3 विफलता अपनी कमी।| - ShareChat