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#❤️अस्सलामु अलैकुम #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #☪️रमजान Status⏳ #🤲 इबादत #🤗रमजान स्पेशल😍🤝
❤️अस्सलामु अलैकुम - ননী ৬; ক্ী স্সাহী ননীক্ন ~೧೦ अबू हुरैरा ( रज़ि. ) से रिवायत है कि हज़रत मुहम्मद & ने फ़रमायाः "ऐ मुसलमान औरतों ! कोई पड़ोसन अपनी पड़ोसन के लिए हदिया देने को हक़ीर न समझे, बकरी का खुर ही क्यों न हो।" ख़्वाह वह (ಸ೯೯' बुखारी 2566) खुलासाः पड़ोसियों के साथ मोहब्बत और अपनापन बनाए रखने के लिए तोहफ़े का बड़ा होना ज़रूरी नहीं , बल्कि नीयत और दिल का सा़फ़ होना ज़रूरी है। छोटी सी चीज़ भी रिश्तों में मिठास और मोहब्बत पैदा कर देती है। 90 ননী ৬; ক্ী স্সাহী ননীক্ন ~೧೦ अबू हुरैरा ( रज़ि. ) से रिवायत है कि हज़रत मुहम्मद & ने फ़रमायाः "ऐ मुसलमान औरतों ! कोई पड़ोसन अपनी पड़ोसन के लिए हदिया देने को हक़ीर न समझे, बकरी का खुर ही क्यों न हो।" ख़्वाह वह (ಸ೯೯' बुखारी 2566) खुलासाः पड़ोसियों के साथ मोहब्बत और अपनापन बनाए रखने के लिए तोहफ़े का बड़ा होना ज़रूरी नहीं , बल्कि नीयत और दिल का सा़फ़ होना ज़रूरी है। छोटी सी चीज़ भी रिश्तों में मिठास और मोहब्बत पैदा कर देती है। 90 - ShareChat