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sports - thebetterindia.hindi जूनून और ज़ज्बा हर सीमा को तोड़ देने का! বীন ক নিমানতিন ম আযীতিন Asian Indoor Athletics Championships २०२६ में भारत के Tejaswin Shankar ने की हेप्टाथलॉन स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल पुरुषों जीत लिया। f, तेजस्विन शंकर ने कुल ५९९३ अंक हासिल ` जो न केवल एक राष्ट्रीय इंडोर रिकॉर्ड है, बल्कि यह प्रदर्शन एशिया का दूसरा  नया सर्वश्रेष्ठ हेप्टाथलॉन स्कोर भी बन गया। उन्होंने अपना ही पुराना इंडोर राष्ट्रीय रिकॉर्ड (५६५० अंक, २०२१) तोड़ते हुए ३४३ अंकों की जबरदस्त छलांग लगाई है जो भारतीय मल्टी इवेंट एथलेटिक्स में दुर्लभ मानी जाती है। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के दौरान तेजस्विन ने कई स्पर्धाओं में अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। ६० मीटर दौड़ में ७.११ सेकंड, हाई जंप में २.२३ मीटर, ६० मीटर हर्डल्स में ८.०२ सेकंड, पोल वॉल्ट में ४.२० मीटर और १००० मीटर में 2:४3.९१ का समय इन सबने मिलकर ५९९३ अंकों का रिकॉर्ड स्कोर खडा किया। लॉन्ग जंप और शॉट पुट में भी उन्होंने इंडोर व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। यह स्वर्ण पदक कई मायनों में खास है। यह इस चैंपियनशिप में भारत का इकलौता गोल्ड मेडल रहा, जबकि भारत ने कुल 5 पदक जीते। इसके साथ ही, एशियन इंडोर चैंपियनशिप में हेप्टाथलॉन में भारत का १६ साल बाद पहला पदक आया इससे पहले २०१० में भारत को कांस्य पदक मिला था। तेजस्विन शंकर की यह जीत सिर्फ़ एक पदक नहीं , बल्कि यह संकेत है कि भारतीय एथलेटिक्स अब तकनीक, निरंतरता और विश्व स्तरीय तैयारी के साथ मल्टी इवेंट्स में भी एशिया की ताकत बनकर उभर रहा है। यह प्रदर्शन आने वाले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए भारत का आत्मविश्वास और मजब्त करता है। thebetterindia.hindi जूनून और ज़ज्बा हर सीमा को तोड़ देने का! বীন ক নিমানতিন ম আযীতিন Asian Indoor Athletics Championships २०२६ में भारत के Tejaswin Shankar ने की हेप्टाथलॉन स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल पुरुषों जीत लिया। f, तेजस्विन शंकर ने कुल ५९९३ अंक हासिल ` जो न केवल एक राष्ट्रीय इंडोर रिकॉर्ड है, बल्कि यह प्रदर्शन एशिया का दूसरा  नया सर्वश्रेष्ठ हेप्टाथलॉन स्कोर भी बन गया। उन्होंने अपना ही पुराना इंडोर राष्ट्रीय रिकॉर्ड (५६५० अंक, २०२१) तोड़ते हुए ३४३ अंकों की जबरदस्त छलांग लगाई है जो भारतीय मल्टी इवेंट एथलेटिक्स में दुर्लभ मानी जाती है। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के दौरान तेजस्विन ने कई स्पर्धाओं में अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। ६० मीटर दौड़ में ७.११ सेकंड, हाई जंप में २.२३ मीटर, ६० मीटर हर्डल्स में ८.०२ सेकंड, पोल वॉल्ट में ४.२० मीटर और १००० मीटर में 2:४3.९१ का समय इन सबने मिलकर ५९९३ अंकों का रिकॉर्ड स्कोर खडा किया। लॉन्ग जंप और शॉट पुट में भी उन्होंने इंडोर व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। यह स्वर्ण पदक कई मायनों में खास है। यह इस चैंपियनशिप में भारत का इकलौता गोल्ड मेडल रहा, जबकि भारत ने कुल 5 पदक जीते। इसके साथ ही, एशियन इंडोर चैंपियनशिप में हेप्टाथलॉन में भारत का १६ साल बाद पहला पदक आया इससे पहले २०१० में भारत को कांस्य पदक मिला था। तेजस्विन शंकर की यह जीत सिर्फ़ एक पदक नहीं , बल्कि यह संकेत है कि भारतीय एथलेटिक्स अब तकनीक, निरंतरता और विश्व स्तरीय तैयारी के साथ मल्टी इवेंट्स में भी एशिया की ताकत बनकर उभर रहा है। यह प्रदर्शन आने वाले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए भारत का आत्मविश्वास और मजब्त करता है। - ShareChat