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#✍️ साहित्य एवं शायरी #"राही" की कविताएं #🌸 सत्य वचन #❤️जीवन की सीख #📖Whatsapp शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - आजकल.. बेटी ही पराई नहीं होती बेटे भी पराए हो जाते। Ud छोड़ कर अपना घर आंगन वे किसी दूजे देश चले जाते | घर सूना आंगन सूना কীলী নিবালী মুনী ৪্ী আানী राह तकती निगाहें मात पिता की पर फिर वे लौट कर घर नहीं आते। ये मर्ज़ी है या मजबूरी वे जाने या दिल उनका टूट जाते हैं सपने किसी के पर कुछ सपनों के पीछे भागते चले जाते | बबिता चौधरी " राही " आजकल.. बेटी ही पराई नहीं होती बेटे भी पराए हो जाते। Ud छोड़ कर अपना घर आंगन वे किसी दूजे देश चले जाते | घर सूना आंगन सूना কীলী নিবালী মুনী ৪্ী আানী राह तकती निगाहें मात पिता की पर फिर वे लौट कर घर नहीं आते। ये मर्ज़ी है या मजबूरी वे जाने या दिल उनका टूट जाते हैं सपने किसी के पर कुछ सपनों के पीछे भागते चले जाते | बबिता चौधरी " राही " - ShareChat