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काशी करौत काहे लेही, बिना भजन नहीं ढंग रे। कोटि ग्रंथ का योहि अर्थ है, करो साध सत्संग रे ।। ##santrampalji maharaj कबीर साहेब ने कहा है कि पंडितों के बहकावे में आकर भोली जनता ने काशी में करौत से गर्दन भी कटवा दी किंतु यह मोक्ष मार्ग नहीं है।
#santrampalji maharaj - करौत काहे लेही , काशी बिना भजन नही ढंग रे | है, ग्रंथ का योहि अर्थ कोटि ২ || सत्संग करो साध कबीर साहेब ने कहा है कि पंडितों के बहकावे में आकर भोली जनता ने काशी में करौत से गर्दन भी g यह मोक्ष मार्ग नर्हीं है। कठवा दी परमात्मा ने मोक्ष मार्ग के लिए सच्चे संत की शरण में जाने का का समर्थन गीता जी ने किया है। आदेश दिया है। ೯ Sant Rampal Ji YOUTUBE fet Bnuk : Maharaj CHANNEL 7696001825 | @Saintrarnpalikianaras करौत काहे लेही , काशी बिना भजन नही ढंग रे | है, ग्रंथ का योहि अर्थ कोटि ২ || सत्संग करो साध कबीर साहेब ने कहा है कि पंडितों के बहकावे में आकर भोली जनता ने काशी में करौत से गर्दन भी g यह मोक्ष मार्ग नर्हीं है। कठवा दी परमात्मा ने मोक्ष मार्ग के लिए सच्चे संत की शरण में जाने का का समर्थन गीता जी ने किया है। आदेश दिया है। ೯ Sant Rampal Ji YOUTUBE fet Bnuk : Maharaj CHANNEL 7696001825 | @Saintrarnpalikianaras - ShareChat