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#Satya Anmol gyan #kabir #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇
Satya Anmol gyan - कबीर , क्या मांगुँ कुछ थिर ना रहाई , देखत नैन चला जग जाई | एक लख पूत सवा लख नाती , उस रावण कै दीवा न बाती । | एक मनुष्य एक पुत्र से वंश  মানাথ:-যণি बेल को सदा बनाए रखना चाहता है तो जैसे श्रीलंका के राजा यह उसकी भूल है। रावण के एक लाख पुत्र थे तथा सवा लाख पौत्र थे। वर्तमान में उसके कुल (वंश) में कोई घर में दीप जलाने वाला भी नहीं है। सब नष्ट हो गए। इसलिए हे मानव! परमात्मा से यह क्या माँगता है जो स्थाई ही नहीं है। यह अध्यात्म ज्ञान के अभाव के कारण प्रेरणा बनी है। परमात्मा आप जी को आपका संस्कार देता है। आपका किया कुछनहीं होरहा है। SANEUSII कबीर , क्या मांगुँ कुछ थिर ना रहाई , देखत नैन चला जग जाई | एक लख पूत सवा लख नाती , उस रावण कै दीवा न बाती । | एक मनुष्य एक पुत्र से वंश  মানাথ:-যণি बेल को सदा बनाए रखना चाहता है तो जैसे श्रीलंका के राजा यह उसकी भूल है। रावण के एक लाख पुत्र थे तथा सवा लाख पौत्र थे। वर्तमान में उसके कुल (वंश) में कोई घर में दीप जलाने वाला भी नहीं है। सब नष्ट हो गए। इसलिए हे मानव! परमात्मा से यह क्या माँगता है जो स्थाई ही नहीं है। यह अध्यात्म ज्ञान के अभाव के कारण प्रेरणा बनी है। परमात्मा आप जी को आपका संस्कार देता है। आपका किया कुछनहीं होरहा है। SANEUSII - ShareChat