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#हसरतें.
हसरतें. - ज़ख्मों का क्या है वह एक न एक दिन सील ही जाते हैं | मसला तो निशानों का है जो कभी भर ही नहीं पाते है | ज़ख्मों का क्या है वह एक न एक दिन सील ही जाते हैं | मसला तो निशानों का है जो कभी भर ही नहीं पाते है | - ShareChat