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#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - तुम जीवन नहीं हो जीवन की बहती धारा जीवन में सब कुछ आता ्जाता है। तचपन युवावस्था सुख  और दुख, सभी क्षणिक हे।  सुप्रभात तुम स्थिर किनारा हो जो आता ्जाता है, वो तुम नहीं हो। तुम वो हो जो इन सबको आते जाते देख रहा है। नदी बदलती रहती है। नावें बदलती हैं। रहती किनारा नहीं बदलता। तुम जीवन नहीं हो जीवन की बहती धारा जीवन में सब कुछ आता ्जाता है। तचपन युवावस्था सुख  और दुख, सभी क्षणिक हे।  सुप्रभात तुम स्थिर किनारा हो जो आता ्जाता है, वो तुम नहीं हो। तुम वो हो जो इन सबको आते जाते देख रहा है। नदी बदलती रहती है। नावें बदलती हैं। रहती किनारा नहीं बदलता। - ShareChat