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#✝चर्च
✝चर्च - आज कापद्य भजन संहिता २३ः४ IRVHin चाहे मैं घोर अंधकार से भरी हुई तराई में होकर चलूँ , तो भी हानि 4737T, क्योंकि तू मेरे 9 साथ रहता है; तेरे सोंटे और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है। आज कापद्य भजन संहिता २३ः४ IRVHin चाहे मैं घोर अंधकार से भरी हुई तराई में होकर चलूँ , तो भी हानि 4737T, क्योंकि तू मेरे 9 साथ रहता है; तेरे सोंटे और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है। - ShareChat