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newsinshort - शिक्षक [ सत्येद्र नाथ बोस १९१६ से १९२१ तक कलकत्ता यूनिवर्सिटी में विज्ञान विभाग के एचओडी थे। एक दिन एम एससी. के छात्र परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाने की मांग लेकर उनके पास गए और कहा कि॰ तैयारी के लिए उन्हें और समय चाहिए। बोस Subrato Dhar ने पूरे धैर्य और गंभीरता से उनकी बात सुनी। गहन विचार के बाद उन्होंने शांत स्वर में कहा,  मै आपकी कठिनाइयों को समझता हूं लेकिन परीक्षा तिथि बदलने का कोई ठोस और न्यायसंगत कारण नहीं है। यह उत्तर छात्रों को रास नहीं आया। उन्होंने हडताल और अनशन की धमको दी। ऐसे दबाव के क्षण में भी बोस विचलित नहीं हुए। मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा पढ़ाई के लिए पूरा समय पहले से मिलता है उसे अनुशासन के साथ जीवन में उतारना चाहिए। परीक्षा निकट आने पर अतिरिक्त समय को माग करना उचित नहीं। मै अपना पद छोड़ सकता हूं पर अनुचित दबाव के आगे नहीं झुक सकता। ' उनकी यह दृढ़ता लिए आईना बन गई। वे समझ गए कि न्याय अनुशासन ಖT F और सत्य से बड़ा कोई तर्क नही होता। आत्मचिंतन के बाद छात्रों ने बिना दबाव के परीक्षा तिथि स्वीकार की और निर्धारित समय पर परीक्षा दी। यह घटना सिखाती है कि एक सच्चा शिक्षक विद्यार्थियों कैसे दिखात हlravesh ஈஈHர शिक्षक [ सत्येद्र नाथ बोस १९१६ से १९२१ तक कलकत्ता यूनिवर्सिटी में विज्ञान विभाग के एचओडी थे। एक दिन एम एससी. के छात्र परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाने की मांग लेकर उनके पास गए और कहा कि॰ तैयारी के लिए उन्हें और समय चाहिए। बोस Subrato Dhar ने पूरे धैर्य और गंभीरता से उनकी बात सुनी। गहन विचार के बाद उन्होंने शांत स्वर में कहा,  मै आपकी कठिनाइयों को समझता हूं लेकिन परीक्षा तिथि बदलने का कोई ठोस और न्यायसंगत कारण नहीं है। यह उत्तर छात्रों को रास नहीं आया। उन्होंने हडताल और अनशन की धमको दी। ऐसे दबाव के क्षण में भी बोस विचलित नहीं हुए। मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा पढ़ाई के लिए पूरा समय पहले से मिलता है उसे अनुशासन के साथ जीवन में उतारना चाहिए। परीक्षा निकट आने पर अतिरिक्त समय को माग करना उचित नहीं। मै अपना पद छोड़ सकता हूं पर अनुचित दबाव के आगे नहीं झुक सकता। ' उनकी यह दृढ़ता लिए आईना बन गई। वे समझ गए कि न्याय अनुशासन ಖT F और सत्य से बड़ा कोई तर्क नही होता। आत्मचिंतन के बाद छात्रों ने बिना दबाव के परीक्षा तिथि स्वीकार की और निर्धारित समय पर परीक्षा दी। यह घटना सिखाती है कि एक सच्चा शिक्षक विद्यार्थियों कैसे दिखात हlravesh ஈஈHர - ShareChat