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#🥰میرا سٹیٹس ❤️ #💞دعا میں یاد رکھنا 🤲🏻
🥰میرا سٹیٹس ❤️ - "अल्लाह की ज़ात" ठोकरें न खाओ तो ज़िंदगी कहाँ समझ आती है, अगर ग़म न मिले तो रब किसे याद आता है।  बदले हुए ` कुछ टूटी हुई दोस्तियाँ, कुछ ; रवैये, और कुछ अधूरे ख्वाब - यही तो हमें ज़िंदगी की पहचान करवाते हैं, हमें रब से मिलाते हैं। वो हमें बताते हैं कि इस पूरी कायनात में अगर कोई ऐसी ज़ात है जो दिन के चौबीसों घंटे हर लम्हा तुम्हें सुनने को तैयार है, तो वो लिए 8-# अल्लाह की ज़ात। जब चाहो उसकी तरफ पलट जाओ,वो कभी धुतकारेगा नहीं। "अल्लाह की ज़ात" ठोकरें न खाओ तो ज़िंदगी कहाँ समझ आती है, अगर ग़म न मिले तो रब किसे याद आता है।  बदले हुए ` कुछ टूटी हुई दोस्तियाँ, कुछ ; रवैये, और कुछ अधूरे ख्वाब - यही तो हमें ज़िंदगी की पहचान करवाते हैं, हमें रब से मिलाते हैं। वो हमें बताते हैं कि इस पूरी कायनात में अगर कोई ऐसी ज़ात है जो दिन के चौबीसों घंटे हर लम्हा तुम्हें सुनने को तैयार है, तो वो लिए 8-# अल्लाह की ज़ात। जब चाहो उसकी तरफ पलट जाओ,वो कभी धुतकारेगा नहीं। - ShareChat