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#love Shayriya
love Shayriya - रमज़ान से सीखिए (२) आम दिनों में फर्ज़ नमाज़ें ख़ास तौर से फज्र और इशा की नमाज़ पढ़ना मुश्किल होता है, जबकि रमजानुल मुबारक में तहज्जुद और तरावीह़ पढ़ना भी आसान हो जाता है, इस की बड़ी वजह इबादत का आम माहौल है। माहौल का बड़ा असर होता है। हम कोशिश करें कि रमजानुल मुबारक के बाद भी अपने घरों मे इबादत का माहौ़ल बनाए रखें। इस से हमारे लिए ड़बादत करना आसान होगा। इन शा अल्लाह Mufti Saifullah Taunsvi Hindi Tarjuma Wa Tasheel: Altamash Alam Qasmi Basheerululoom Deenirahnumayi blogspot  com रमज़ान से सीखिए (२) आम दिनों में फर्ज़ नमाज़ें ख़ास तौर से फज्र और इशा की नमाज़ पढ़ना मुश्किल होता है, जबकि रमजानुल मुबारक में तहज्जुद और तरावीह़ पढ़ना भी आसान हो जाता है, इस की बड़ी वजह इबादत का आम माहौल है। माहौल का बड़ा असर होता है। हम कोशिश करें कि रमजानुल मुबारक के बाद भी अपने घरों मे इबादत का माहौ़ल बनाए रखें। इस से हमारे लिए ड़बादत करना आसान होगा। इन शा अल्लाह Mufti Saifullah Taunsvi Hindi Tarjuma Wa Tasheel: Altamash Alam Qasmi Basheerululoom Deenirahnumayi blogspot  com - ShareChat