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😱श्रीमद भगवत गीता जी का असली सारांश _🤲जगत गुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महराज🙏 #good morning #good #शुभ शुक्रवार #भक्ति #🙏गीता सार
good morning - जगत गुरु तत्वदर्शी संत रामपालजी महराज जी द्वारा५५००साल बाद खोला श्रीमद भगवत गीता जी का असली सारांश गीता का ज्ञान किसने बोला? ११/३२ मैं काल हूँ। 83 ११/४६ मैं १००० हाथ, सिर वाला हूँl ०७|२४ मेरा अनुत्तम भाव है [ ೩ ०७|२५ मेरी भगति भी अनुत्तम है। 3| ११/४८ मुझे तेरे अतिरिक्त किसी ने नही देखा 8 ११/५३ मुझे दान तप से ही नही देख सकते है। 1 ९७७१७ सैंबकु षुों द्रिवेते जे मरे्हाथँमे है।  गुणों जन्म मृत्यु के चक्र में ०१|२१ स्वर्ग भोगकर पृथ्वी पर = ०८/१३ मेरा सिर्फ एक ही ूँ मंत्र है। # ०8/16 ब्रह्म लोक भी नाशवान ही है। = १०/२५ ऊँ मेरा मंत्र है | है, 1 कुदरत 1 देवी, 07/05_ সক্কৃনি 2 4 मेरी गरब धारण पत्नी है। $ತ 14/03 प्रकृति १४/०४ मैं जीव के बीज स्थापन का पिता हूँ 1 07/13 ಕ3  से भी अलग हूँ। गुणो १४/०५ त्रिदेव सब जीवो को शरीर मे बांधते है त्रिदेव को वाले राक्षस हैं। 07/15 3 पुजने गुणों ఉాన్సి] ०४/०५ अर्जुन तेरे मेरे बहुत जन्म हो चुके है २४ ಶ ०४/३४ तत्वदर्शी संत की शरण में जा १५/1से4तत्वदर्शी संत की पहचान १५/१७ उत्तम अविनाशी परमात्मा अन्य है 4 १७ /२३मोक्ष मंत्र गुप्त कोडवर्ड ऊँ,तत् सत १८/६२ अविनाशी परमात्मा | अविनाशी स्थान सतलोक लिए जन्म मृत्यु से छुटकारा  सदा के जगत गुरु तत्वदर्शी संत रामपालजी महराज जी द्वारा५५००साल बाद खोला श्रीमद भगवत गीता जी का असली सारांश गीता का ज्ञान किसने बोला? ११/३२ मैं काल हूँ। 83 ११/४६ मैं १००० हाथ, सिर वाला हूँl ०७|२४ मेरा अनुत्तम भाव है [ ೩ ०७|२५ मेरी भगति भी अनुत्तम है। 3| ११/४८ मुझे तेरे अतिरिक्त किसी ने नही देखा 8 ११/५३ मुझे दान तप से ही नही देख सकते है। 1 ९७७१७ सैंबकु षुों द्रिवेते जे मरे्हाथँमे है।  गुणों जन्म मृत्यु के चक्र में ०१|२१ स्वर्ग भोगकर पृथ्वी पर = ०८/१३ मेरा सिर्फ एक ही ूँ मंत्र है। # ०8/16 ब्रह्म लोक भी नाशवान ही है। = १०/२५ ऊँ मेरा मंत्र है | है, 1 कुदरत 1 देवी, 07/05_ সক্কৃনি 2 4 मेरी गरब धारण पत्नी है। $ತ 14/03 प्रकृति १४/०४ मैं जीव के बीज स्थापन का पिता हूँ 1 07/13 ಕ3  से भी अलग हूँ। गुणो १४/०५ त्रिदेव सब जीवो को शरीर मे बांधते है त्रिदेव को वाले राक्षस हैं। 07/15 3 पुजने गुणों ఉాన్సి] ०४/०५ अर्जुन तेरे मेरे बहुत जन्म हो चुके है २४ ಶ ०४/३४ तत्वदर्शी संत की शरण में जा १५/1से4तत्वदर्शी संत की पहचान १५/१७ उत्तम अविनाशी परमात्मा अन्य है 4 १७ /२३मोक्ष मंत्र गुप्त कोडवर्ड ऊँ,तत् सत १८/६२ अविनाशी परमात्मा | अविनाशी स्थान सतलोक लिए जन्म मृत्यु से छुटकारा  सदा के - ShareChat