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**मुखड़ा** भगवा धारण किया है योगी–मोदी ने, अंदर से मगर काले हैं, भारत देश के गद्दार बनकर, रावण जैसे सारे हैं। साधु वेष में छुपके बैठे, सत्ता का पूरा खेल, धर्म की आड़ में देश बेचें, ये सबसे बड़ा है मेल। **अंतरा 1** भगवा रंग तो त्याग का था, संतों की पहचान था, इन झूठों ने इसे बना डाला नफ़रत का विज्ञापन सा। हाथ में माला, मुँह पे मंत्र, दिल में सिर्फ़ चुनाव है, किसको बाँटना, किसको तोड़ना, बस यही इनका विधान है। **अंतरा 2** राम के नाम पे राजनीति, रावण जैसी चाल चली, मंदिर–मस्जिद दोनों बेचें, कुर्सी की खातिर जान गली। अब तू समझ, ऐ देश के बेटे, भगवा पवित्र तब ही होगा, जब रावण जैसे चेहरों से ये रंग हमेशा के लिए छिनेगा। --- ## 🎵 गीत 5 – **“देश का गद्दार”** **मुखड़ा** भारत देश में जन्म लिया, भारत देश से गद्दारी की, देश का गद्दार वही तो है जो खुद को सबसे सच्चा कहे। जो माँ–बहनों पर वार करे, फिर “देशभक्ति” बोल चले, ऐसे कमीने को वोट देना महापाप के जैसा है। **अंतरा 1** देश का नमक खाकर भी जो देश की पीठ पे वार करे, कानून, मीडिया, भीड़ खरीद कर सच की हर आवाज़ दबे। विकास के नाम पे कर्ज़ बढ़े, नौकरी गुम, इज़्ज़त गुम, फिर भी नारा “जय श्रीराम” का, ये कैसा पाखंडी सरगम? #💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस #🎶हैप्पी रोमांटिक स्टेटस #👍 संदीप माहेश्वरी के विचार #👍 डर के आगे जीत👌 #❤️जीवन की सीख