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#🤲इस्लाम की प्यारी बातें
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - नसीब तहज्जुद का बुलावा फर्श से नहीं अर्श से आता है तहज्जुद का सजदा उसे  ही नसीब होता है जिसे मेरा रब चाहता है। नसीब तहज्जुद का बुलावा फर्श से नहीं अर्श से आता है तहज्जुद का सजदा उसे  ही नसीब होता है जिसे मेरा रब चाहता है। - ShareChat