20 मार्च #TheDayInHistory
99 साल पहले, आज ही के दिन (OTD) 1927 में, डॉ. #BabaSahebAmbedkar ने हज़ारों दलितों का नेतृत्व करते हुए उन्हें #Mahad में स्थित चावदार तालाब तक पहुँचाया। उन्होंने यह माँग की कि दलितों को भी तालाब के पानी का उपयोग करने की अनुमति दी जाए, क्योंकि यह उनका नैतिक और कानूनी अधिकार है। उन्होंने स्वयं तालाब से पानी लिया और उसे पिया। #MahadSatyagraha, #DrAmbedkar के नेतृत्व में अछूतों द्वारा किया गया पहला सामूहिक विरोध प्रदर्शन था। इस आंदोलन ने अछूतों को सामाजिक असमानताओं और बाधाओं के विरुद्ध संघर्ष करने का आत्मविश्वास प्रदान किया। अपने एक बयान में #DrAmbedkar ने कहा था, "हम पानी पीने के अधिकार को स्थापित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। परंतु हमारा लक्ष्य #FrenchRevolution (फ्रांसीसी क्रांति) के लक्ष्य से किसी भी प्रकार कम नहीं है। हम असमानता पर आधारित उस पुरानी और अमानवीय जाति-व्यवस्था को समाप्त करना चाहते हैं, और एक ऐसे नए विश्व व समाज का पुनर्निर्माण करना चाहते हैं जो स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के सिद्धांतों पर आधारित हो। यही हमारा लक्ष्य है।" #MahadSatyagraha की स्मृति में, प्रत्येक वर्ष 20 मार्च को 'सामाजिक सशक्तिकरण दिवस' के रूप में मनाया जाता है।
#डॉ बीआर अंबेडकर #फुले शाहू अंबेडकर


