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उसे कहना मेरी सज़ा में कुछ कमी कर दे मैं मुज़रिम नहीं हूँ ग़लती से इश्क़ हुआ था – अहमद फ़राज़ #📖 कविता और कोट्स✒️ #📓 हिंदी साहित्य #✍️ साहित्य एवं शायरी
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