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#🖋शेरो-शायरी #📝कविता / शायरी/ चारोळी
🖋शेरो-शायरी - 1 सब को सब कुछ कहां मिला है जिँदगी में। चांद को ले सके हथेलियों में अपनी ये आसमान॰॰ उसे सूरज से मुंह मोड़ना होता है। लिए ೯ಳಾ' 1 सब को सब कुछ कहां मिला है जिँदगी में। चांद को ले सके हथेलियों में अपनी ये आसमान॰॰ उसे सूरज से मुंह मोड़ना होता है। लिए ೯ಳಾ' - ShareChat