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##मेरे_राम🙏🏻 #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
#मेरे_राम🙏🏻 - रामायण चौपाई |l अब कछु नाथ न चाहिअ मोरें। दीन दयाल अनुग्रह तोरें।। फिरती बार मोहि जो देबा Il सो प्रसादु में सिर धरि लेबाIl अर्थ : जब प्रभु श्री राम केवट को उतराई देते हैं तब केवट हाथ जोड़कर प्रभु से कहता हैः हे नाथ, आज मैंने क्या नहीं पाया, 103 3 =v T0 3 3   ?T= ٢ 5~- Fddnd रामायण चौपाई |l अब कछु नाथ न चाहिअ मोरें। दीन दयाल अनुग्रह तोरें।। फिरती बार मोहि जो देबा Il सो प्रसादु में सिर धरि लेबाIl अर्थ : जब प्रभु श्री राम केवट को उतराई देते हैं तब केवट हाथ जोड़कर प्रभु से कहता हैः हे नाथ, आज मैंने क्या नहीं पाया, 103 3 =v T0 3 3   ?T= ٢ 5~- Fddnd - ShareChat