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#@@@ #सत_ भक्ति _संदेश पिछले पाप से, हरि चर्चा नाम सहावै। कै ऊंचै के उठ चलै, कै और बात चलावे।।
@@@ - a परमेश्वर कबीर जी ने कह्ा है कि कबीर , पिछले पाप से, हरि चर्चा ना  सुहावै। कै ऊँघै कै उठ चलै , कै औरे बात चलावै। | तुलसी , पिछले पाप से, हरि चर्चा ना भावै।  जैसे ज्वर के वेग से , भूख विदा हो जावै।। भावार्थः जैसे ज्वर यानि बुखार के कारण रोगी को भूख नहीं लगती। वैसे ही पापों के प्रभाव से व्यक्ति को परमात्मा की चर्चा में रूचि नहीं होती। या तो सत्संग में ऊँघने लगेगा या कोई अन्य चर्चा करने लगेगा। उसको श्रोता बोलने से मना करेगा तो उठकर चला जाएगा। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SATLOK ASHRAM SOJAT SATLOK ASHRAMSOJAT SATLOK ASHRAM SOJAT SUPREMEGOD ORG a परमेश्वर कबीर जी ने कह्ा है कि कबीर , पिछले पाप से, हरि चर्चा ना  सुहावै। कै ऊँघै कै उठ चलै , कै औरे बात चलावै। | तुलसी , पिछले पाप से, हरि चर्चा ना भावै।  जैसे ज्वर के वेग से , भूख विदा हो जावै।। भावार्थः जैसे ज्वर यानि बुखार के कारण रोगी को भूख नहीं लगती। वैसे ही पापों के प्रभाव से व्यक्ति को परमात्मा की चर्चा में रूचि नहीं होती। या तो सत्संग में ऊँघने लगेगा या कोई अन्य चर्चा करने लगेगा। उसको श्रोता बोलने से मना करेगा तो उठकर चला जाएगा। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SATLOK ASHRAM SOJAT SATLOK ASHRAMSOJAT SATLOK ASHRAM SOJAT SUPREMEGOD ORG - ShareChat