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#📝कविता / शायरी/ चारोळी #🖋शेरो-शायरी
📝कविता / शायरी/ चारोळी - किसी जमाने में दूसरे के বকে कांटे निकाले जाते थे.!! अब तो एक दूसरे ( की राह में  कांटे बिछाए 78.!!" किसी जमाने में दूसरे के বকে कांटे निकाले जाते थे.!! अब तो एक दूसरे ( की राह में  कांटे बिछाए 78.!!" - ShareChat