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#मेरे अल्फ़ाज़# #मेरे अल्फ़ाज़
मेरे अल्फ़ाज़# - कारीगर हूँ साहब अल्फाजों की मिट्टी से महफिलों ' को सजाता हूँ॰.. कुछ को बेकार तो कुछ a को कलाकार {   ! नजर आता a 40 a {2 a a कारीगर हूँ साहब अल्फाजों की मिट्टी से महफिलों ' को सजाता हूँ॰.. कुछ को बेकार तो कुछ a को कलाकार {   ! नजर आता a 40 a {2 a a - ShareChat