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#✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - होने ल्गी है जिस्म में जूंबिश तो देखिये होने लगी है जिस्म में जुंबिश तो देखिये इस पर कटे परिंदे की कोशिश तो देखिये इस पर कटे परिंदे की कोशिश तो देखिये गूँगे निकूल पडे़ हैं की तलाश में অনাঁ ঘুঁঠী নিব্ধল পউ ই, কী নলাংা ম ज़ुबाँ ; सरकार के ख़िलाफ़ ये साज़िश तो देखिये सरकार के ख़िलाफ़ ये साज़िश तो देखिये बरसात आ गई तो दरकने लगी ज़मीन बरसात आ गई तो दरकने लगी ज़मीन सूखा मचा रही है ये बारिश तो देखिये सूखा मचा रही है ये बारिश तो देखिये उनकी अपील है कि उन्हें ह्म मदद करें उनकी अपील है कि उन्हें हम मदद करें चाकू की पूसलियों से गुज़ारिश तो देखिये चाकू की पसलियों से गुज़ारिश तो देखिये जिसने न्ज़र उठाई वही शख़्स गुम हुआ जिसने नज़र उठाई वही शख़्स गुम हुआ इस जिस्म के तिलिस्म की बंदिश तो देखिये इस जिस्म के तिलिस्म की बंदिश तो देखिये होने ल्गी है जिस्म में जूंबिश तो देखिये होने लगी है जिस्म में जुंबिश तो देखिये इस पर कटे परिंदे की कोशिश तो देखिये इस पर कटे परिंदे की कोशिश तो देखिये गूँगे निकूल पडे़ हैं की तलाश में অনাঁ ঘুঁঠী নিব্ধল পউ ই, কী নলাংা ম ज़ुबाँ ; सरकार के ख़िलाफ़ ये साज़िश तो देखिये सरकार के ख़िलाफ़ ये साज़िश तो देखिये बरसात आ गई तो दरकने लगी ज़मीन बरसात आ गई तो दरकने लगी ज़मीन सूखा मचा रही है ये बारिश तो देखिये सूखा मचा रही है ये बारिश तो देखिये उनकी अपील है कि उन्हें ह्म मदद करें उनकी अपील है कि उन्हें हम मदद करें चाकू की पूसलियों से गुज़ारिश तो देखिये चाकू की पसलियों से गुज़ारिश तो देखिये जिसने न्ज़र उठाई वही शख़्स गुम हुआ जिसने नज़र उठाई वही शख़्स गुम हुआ इस जिस्म के तिलिस्म की बंदिश तो देखिये इस जिस्म के तिलिस्म की बंदिश तो देखिये - ShareChat