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#कल आज और कल
कल आज और कल - सोच वही, किरदार वही, वही गुलामी, वही चाटुकारिता , कल सावरकर था आज उसका पुत्र। | सोच वही , किरदार वही , वही ग़ुलामी , वही चाटुकारिता , कल सावरकर था ऑज उसका पुत्र सोच वही, किरदार वही, वही गुलामी, वही चाटुकारिता , कल सावरकर था आज उसका पुत्र। | सोच वही , किरदार वही , वही ग़ुलामी , वही चाटुकारिता , कल सावरकर था ऑज उसका पुत्र - ShareChat