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जय श्री कृष्णा #जय श्री कृष्णा#जय श्री कृष्णा#जय श्री कृष्णा#जय श्री कृष्णा
जय श्री कृष्णा - 1ర श्री कृष्ण 8 6d ज़िंदगी से चीज़ें छीनता ಈ೫-ಹ೫i # तुम्हारी नहीं, बस दूर कर देता हूँ॰ क्योंकि वो तुम्हें तोड़ देती हैं और तुम देख नहीं पाते। तुम सोचते हो कि प्रार्थना सुनी नहीं गई॰ पर मैं हर रात रोना, खामोशी सुनता हूँ। तुम्हारा तुम्हारी थकान, तुम्हारा अकेलापन सब तुम्हारी मेरी नज़र में दर्ज है। देर हो रही है॰ ಕ अगर बेहतर ೯ಷ # समझो मैं तुम्हारे  <61 विश्वास बनाए रखो। मैं देर कर सकता हूँ॰ पर अन्याय कभी नहीं कर सकता| 1ర श्री कृष्ण 8 6d ज़िंदगी से चीज़ें छीनता ಈ೫-ಹ೫i # तुम्हारी नहीं, बस दूर कर देता हूँ॰ क्योंकि वो तुम्हें तोड़ देती हैं और तुम देख नहीं पाते। तुम सोचते हो कि प्रार्थना सुनी नहीं गई॰ पर मैं हर रात रोना, खामोशी सुनता हूँ। तुम्हारा तुम्हारी थकान, तुम्हारा अकेलापन सब तुम्हारी मेरी नज़र में दर्ज है। देर हो रही है॰ ಕ अगर बेहतर ೯ಷ # समझो मैं तुम्हारे  <61 विश्वास बनाए रखो। मैं देर कर सकता हूँ॰ पर अन्याय कभी नहीं कर सकता| - ShareChat