#सत भक्ति संदेश
कबीर, गुरु गोविन्द कर जानिये, रहिये शब्द समाय।
मिलें तो दंडवत बन्दगी, नहिं पल पल ध्यान लगाय।।
गुरु जी को गोविन्द (परमात्मा तुल्य) जानना चाहिए
और उनके द्वारा दिये गये भक्ति साधना के शब्द (नाम) को सदा जाप करते रहिए। जब कभी गुरुजी मिले, उस समय उनको दण्डवत प्रणाम करें, नहीं तो पल-पल उनमें ध्यान लगायें।


