*“जब मनुष्य अपने अहंकार को छोड़कर प्रभु पर पूरा भरोसा कर लेता है,*
*तब जीवन की हर पीड़ा भी उसे प्रभु की ओर ही ले जाने लगती है।” *भाव समझिए:*
दुख अपने-आप में शत्रु नहीं होता। जब हम “मैं” को छोड़कर “प्रभु की इच्छा” को स्वीकार कर लेते हैं, तो वही दुख हमें अंदर से मजबूत और भक्त बना देता है।🙏🌅 #❤️जीवन की सीख #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏कर्म क्या है❓
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