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#DUA ME YAAD ☝️ #❤️अस्सलामु अलैकुम #h_b_bloch #NAT_SHARIF #Assalamu Alaikum
DUA ME YAAD ☝️ - शवों शबके १२ नवाफ़िल के फ़ज़ीलत रजब में एक रात है कि उस में नेक अमल करने वाले को १०० बरस की नेकियों का सवाब है और वोह रजब की २७वीं शब है | जो इस में १२ रक्अत इस तरह पढ़े कि हर रक्अत में हर दो रक्अ़त पर बारह पूरी सूरतुल फ़ातिहा अत्तहिय्यात (दुरूदे होने पर और कोई सी इब्राहीम और दुड़ ) ٦٩ पढ़े और 4, एक सूरत और इस के बा'द १०० बार येह पढ़े : رَبُکآ ُهَلاَوُهللااّلِا َهلِاآَلَو ِهِللُدُنَحْلاَو ِهللا َناَحْبُس दुरूद शरीफ़ १०० बार पढ़े इस्तिग़्फ़ार १०० बार और अपनी दुन्या व आख़िर्त से जिस चीज़ की चाहे दुआ मांगे और सुब्ह को रोज़ा रखे तो अल्लाह पाक उस की सब दुआएं क़बूल फ़रमाए सिवाए उस दुआ के जो गुनाह के लिये हो। (फ़तावा रज़विय्या তি 10, য 648) मुख़र्रजा, SCAN TO FOLLOW DAWAILSIAMI NDIA शवों शबके १२ नवाफ़िल के फ़ज़ीलत रजब में एक रात है कि उस में नेक अमल करने वाले को १०० बरस की नेकियों का सवाब है और वोह रजब की २७वीं शब है | जो इस में १२ रक्अत इस तरह पढ़े कि हर रक्अत में हर दो रक्अ़त पर बारह पूरी सूरतुल फ़ातिहा अत्तहिय्यात (दुरूदे होने पर और कोई सी इब्राहीम और दुड़ ) ٦٩ पढ़े और 4, एक सूरत और इस के बा'द १०० बार येह पढ़े : رَبُکآ ُهَلاَوُهللااّلِا َهلِاآَلَو ِهِللُدُنَحْلاَو ِهللا َناَحْبُس दुरूद शरीफ़ १०० बार पढ़े इस्तिग़्फ़ार १०० बार और अपनी दुन्या व आख़िर्त से जिस चीज़ की चाहे दुआ मांगे और सुब्ह को रोज़ा रखे तो अल्लाह पाक उस की सब दुआएं क़बूल फ़रमाए सिवाए उस दुआ के जो गुनाह के लिये हो। (फ़तावा रज़विय्या তি 10, য 648) मुख़र्रजा, SCAN TO FOLLOW DAWAILSIAMI NDIA - ShareChat