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खामोश #मन की बात
मन की बात - खामोश मोहब्बत शादीशुदा थी, लेकिन दिल अब वह भी किसी अपने को ढूंढ रहा था। पति अच्छा था, पर उसे समझने वाला नहीं। फिर किसी ने उसकी खामोशी को पढ लिया... और वही उसका प्यार बन गया। वह जानती थी यह गलत है, इसलिए उसने अपने प्यार को दिल में ही कैद कर लिया। क्योंकि कुछ प्यार किस्मत में नहीं होते, सिर्फ महसूस करने के लिए होते हैं। खामोश मोहब्बत शादीशुदा थी, लेकिन दिल अब वह भी किसी अपने को ढूंढ रहा था। पति अच्छा था, पर उसे समझने वाला नहीं। फिर किसी ने उसकी खामोशी को पढ लिया... और वही उसका प्यार बन गया। वह जानती थी यह गलत है, इसलिए उसने अपने प्यार को दिल में ही कैद कर लिया। क्योंकि कुछ प्यार किस्मत में नहीं होते, सिर्फ महसूस करने के लिए होते हैं। - ShareChat