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#🎤 महफिल ए शायरी #💧 आंसू #💔अधुरी मोहबत💔 #🙁 धोखा #💔 दर्द-ए-दिल
🎤 महफिल ए शायरी - कम लोग हों, पर अपने हों, भीड़ चाहिए। ज़िंदगी तमाशा थोड़ी है, जो boy ziddi' AK कम लोग हों, पर अपने हों, भीड़ चाहिए। ज़िंदगी तमाशा थोड़ी है, जो boy ziddi' AK - ShareChat