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मान अपमान #तत्व दर्शी संत सद्गुरु रामपाल जी भगवान
तत्व दर्शी संत सद्गुरु रामपाल जी भगवान - मान अपमान धर्म बोध पृष्ठ १८७ साराशः  कबीर मान अपमान सम कर जान, तजै जगत की आश। चाह रहित संस्य रहित, हर्ष शोक नही तास।। भक्त को चाहे कोई अपमानित करे, उस ओर ध्यान न दे। उसकी बुद्धि पर रहम करे और जो सम्मान करता है॰ उस पर भी ध्यान न दे यानि किसी के सम्मानवश मान अपमान धर्म बोध पृष्ठ १८७ साराशः  कबीर मान अपमान सम कर जान, तजै जगत की आश। चाह रहित संस्य रहित, हर्ष शोक नही तास।। भक्त को चाहे कोई अपमानित करे, उस ओर ध्यान न दे। उसकी बुद्धि पर रहम करे और जो सम्मान करता है॰ उस पर भी ध्यान न दे यानि किसी के सम्मानवश - ShareChat