ShareChat
click to see wallet page
search
#एक रचना रोज ...✍︎✍︎ #💚 लाइफ़ की शायरी
एक रचना रोज ...✍︎✍︎ - महबूब का महबूब देखा हो 16, उसे दर्द की हदें नहीं गिनाया करते.! 100 खामोशियां... महबूब का महबूब देखा हो 16, उसे दर्द की हदें नहीं गिनाया करते.! 100 खामोशियां... - ShareChat