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#@khari khari by shikha #khari khari baate #घोर कलयुग
@khari khari by shikha - एक थी लाली डायन (उपन्यास) श्वेता की नानीः बापकानी रान लाली डायन को पति चाहिए का और घमंड और ऐंठ ऐसी जैसी रान डायन लाली दूसरी के खसम को ले जा रही कोई, रान मेरे जवाई की खून बादूडी पसीने की कमाई जो बापकानिके कालू को दी थी दोहिती श्वेता की शादी में उसे खा खाकर फटने को हो रही , रान बादूड़ी ये तो फटी गाने वाली डायन है हो सही और रूप रंग की ना है तब भी रान डायन लाली बूढ़ा छोड़ रही ना जवान, रूप रंग की हो तो रान मुर्दे ना छोड़े, डायन रान के कीड़े पड़ पडकर निकलेगा एक एक पैसा , रान के मा बाप सड़ सड़ कर मरेंगे . रान के डंडा ही डंडा देके काडुगी चिप्स एक थी लाली डायन (उपन्यास) श्वेता की नानीः बापकानी रान लाली डायन को पति चाहिए का और घमंड और ऐंठ ऐसी जैसी रान डायन लाली दूसरी के खसम को ले जा रही कोई, रान मेरे जवाई की खून बादूडी पसीने की कमाई जो बापकानिके कालू को दी थी दोहिती श्वेता की शादी में उसे खा खाकर फटने को हो रही , रान बादूड़ी ये तो फटी गाने वाली डायन है हो सही और रूप रंग की ना है तब भी रान डायन लाली बूढ़ा छोड़ रही ना जवान, रूप रंग की हो तो रान मुर्दे ना छोड़े, डायन रान के कीड़े पड़ पडकर निकलेगा एक एक पैसा , रान के मा बाप सड़ सड़ कर मरेंगे . रान के डंडा ही डंडा देके काडुगी चिप्स - ShareChat