ShareChat
click to see wallet page
search
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - जब जाना तय हे तो चिंता का बोझ क्यों... ? जिंदगी कुछ पल की मेहमान है फिर बेकार की फ़िक्र क्यों... ? जब तक सांस हे मुस्कुराइए हर लम्हे को खुलकर जिओ , क्योंकि, अंत में सफर ही याद रहता है, मंजिल नहीं। सुप्रभात। जब जाना तय हे तो चिंता का बोझ क्यों... ? जिंदगी कुछ पल की मेहमान है फिर बेकार की फ़िक्र क्यों... ? जब तक सांस हे मुस्कुराइए हर लम्हे को खुलकर जिओ , क्योंकि, अंत में सफर ही याद रहता है, मंजिल नहीं। सुप्रभात। - ShareChat