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#इस्लाम की प्यारी बाते 🤲
इस्लाम - सूरह अल  फ़ातिहा के फ़ज़ाइल (बरकत और खूबियाँ ) बुनियाद নমাড়কী हदीस में है कि बिना सूरह फ़ातिहा के नमाज़ मुकम्मल नहीं होती। सबसे अज़ीम सूरह में सूरह कि कुरआन ने फरमाया फ़ौज़्तैहन सफ बग़ाका ईसू ठुहर नहना खबु ख़नैरही ) शिफ़ा ( इलाज ) का ज़रिया हदीस में आया है कि यह सूरह बीमारियों और तकलीफ़ों के लिए शिफ़ा है। दुआ का खज़ाना इसमें अल्लाहू की तारीफ़, बंदे की इबादत और सीधी राह की दुआ शामिल है। अल्लाह से सीधा रिश्ता हदीस क़ुदसी में है कि जब फ़ातिहा पढ़ता है ಕೇಟ q हर आयत पर अल्लाह जवाब देता है। Shafak Naz सूरह अल  फ़ातिहा के फ़ज़ाइल (बरकत और खूबियाँ ) बुनियाद নমাড়কী हदीस में है कि बिना सूरह फ़ातिहा के नमाज़ मुकम्मल नहीं होती। सबसे अज़ीम सूरह में सूरह कि कुरआन ने फरमाया फ़ौज़्तैहन सफ बग़ाका ईसू ठुहर नहना खबु ख़नैरही ) शिफ़ा ( इलाज ) का ज़रिया हदीस में आया है कि यह सूरह बीमारियों और तकलीफ़ों के लिए शिफ़ा है। दुआ का खज़ाना इसमें अल्लाहू की तारीफ़, बंदे की इबादत और सीधी राह की दुआ शामिल है। अल्लाह से सीधा रिश्ता हदीस क़ुदसी में है कि जब फ़ातिहा पढ़ता है ಕೇಟ q हर आयत पर अल्लाह जवाब देता है। Shafak Naz - ShareChat