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#gurbani shabad
gurbani shabad - गुरु नानक देव जी अव्वल अल्लाह नूर उपाया , कुदरत के सब बंदे। एक नूर ते सब जग उपज्या, कौन भले को मंदे ।I" भावार्थ गुरु नानक देव जी कहते हैं - ईश्वर ने सबसे पहले एक ही नूर से पूरा  (ज्योति) को रचा। उसी एक ज्योति संसार उत्पन्न हुआ है। जब सबमें एक ही परमात्मा का प्रकाश है, तो फिर कोई बड़ा - छोटा, अच्छा -बुरा कैसे हो सकता है? गुरु नानक देव जी अव्वल अल्लाह नूर उपाया , कुदरत के सब बंदे। एक नूर ते सब जग उपज्या, कौन भले को मंदे ।I" भावार्थ गुरु नानक देव जी कहते हैं - ईश्वर ने सबसे पहले एक ही नूर से पूरा  (ज्योति) को रचा। उसी एक ज्योति संसार उत्पन्न हुआ है। जब सबमें एक ही परमात्मा का प्रकाश है, तो फिर कोई बड़ा - छोटा, अच्छा -बुरा कैसे हो सकता है? - ShareChat