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#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - हरि शरणं होइहि सोइ जो राम रचि राखा को करि तर्क बढ़ावै HII जो होना है, वही होगा जो भगवान राम ने रचा है। उस पर तर्क-वितर्क करके कौन अपनी बुद्धि का विस्तार कर सकता है तुलसीदास जी हमें समर्पण और নিস্বাম का मार्ग सिखाते हैं कि मनुष्य चिंता करता है, योजनाएँ बनाता है॰ पर अंततः वही घटित होता है जो प्रभु इच्छा होती है। इस चौपाई का स्मरण करने से मन को शांति मिलती है चिंता कम होती है और रामजी पर अटूट भरोसा बढ़ता है। हरि शरणं होइहि सोइ जो राम रचि राखा को करि तर्क बढ़ावै HII जो होना है, वही होगा जो भगवान राम ने रचा है। उस पर तर्क-वितर्क करके कौन अपनी बुद्धि का विस्तार कर सकता है तुलसीदास जी हमें समर्पण और নিস্বাম का मार्ग सिखाते हैं कि मनुष्य चिंता करता है, योजनाएँ बनाता है॰ पर अंततः वही घटित होता है जो प्रभु इच्छा होती है। इस चौपाई का स्मरण करने से मन को शांति मिलती है चिंता कम होती है और रामजी पर अटूट भरोसा बढ़ता है। - ShareChat