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#26 जनवरी republic day #26 जनवरी शायरी
26 जनवरी republic day - a देशभक्ति जब रिश्ते राख में बदल गए इंसानियत का दिल दहल गया, मैं पूछ पूछ के हार गया, क्यूँ मेरा भारत बदल गया? ] ' मेरा यही अंदाज ज़माने को खलता है, कि चिराग हवा के खिलाफ क्यों जलता है, मैं अमन पसंद हूँ, मेरे शहर में दंगा रहने दो, लाल और हरे में मत बांटो , मेरी छत पर तिरंगा रहने दो। 0 < a देशभक्ति जब रिश्ते राख में बदल गए इंसानियत का दिल दहल गया, मैं पूछ पूछ के हार गया, क्यूँ मेरा भारत बदल गया? ] ' मेरा यही अंदाज ज़माने को खलता है, कि चिराग हवा के खिलाफ क्यों जलता है, मैं अमन पसंद हूँ, मेरे शहर में दंगा रहने दो, लाल और हरे में मत बांटो , मेरी छत पर तिरंगा रहने दो। 0 < - ShareChat