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#👉 Sunday Thoughts #☝अनमोल ज्ञान ✍️✍️ रजनी सिन्हा के कलम से ✍️✍️ ख़ुद मूर्ख हो या खुदा को बनाते हो ...... कर के पाप हज़ार फिर उसे छप्पन भोग चढ़ाते हो ....!! उसकी कारीगरी का तुच्छ नमूना हैं हम ....... मुझे कोई देख नहीं रहा मन में मत पालो ये वहम .....!! जीवन भर करके पाप फिर गंगा में डुबकी लगाते हो .... ख़ुद मूर्ख हो या खुदा को बनाते हो ....!! मेरा मेरा करते करते अंत में खाली हाथ हीं जाते हो ... जिसने तुम्हें बनाया उसे भी धोखा देने में ज़रा भी नहीं हिचकिचाते हो .....!! गंगा ख़ुद पाप धो नहीं पाई अपनी संतान(भीष्म) का ... सोचो ज़रा " कैसे धो पायेगी किसी इंसान का ... जीवन भर करके पाप फिर गंगा में डुबकी लगाते हो ..!! ख़ुद मूर्ख हो या खुदा को बनाते हो..... कर के पाप हज़ार फिर उसे छप्पन भोग चढ़ाते हो ....!! ( 09/ 12/ 2025 ) रजनी सिन्हा ✍️✍️