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#भगवत गीता श्री भागवत भगवान् की आरती
भगवत गीता - भागवन भगवानकी आख्नी श्री भागवत भगवान की है आरती, पापियों को पाप से है तारती. १. ये अमर ग्रंथ, ये मुक्ति पंथ, ये पंचम वेद निराला, नवज्योति जगाने वाला, हरि नाम यही हरि धाम यही, जग के मंगल की आरती. पापियों को पाप से है तारती. श्री भागवत भगवान की है आरती. [9ೆಗಯ" २. यह शांति गीत पावन पापों को मिटाने वाला, ৪২ি दरश থালা यह सुख करणी, ये दुःख हरनी, श्री मधुसूदन की आरती. पापियों को पाप से है तारती. श्री भागवत भगवान की है आरती. | ३. यह मधुर बोल, जग फंद खोल, सन्मार्ग दिखाने वाला, बिगड़ी को बनाने वाला, श्री राम यही, घनश्याम यही, श्री राम यही घनश्याम यही़ , प्रभु की महिमा की आरती पापियों को पाप से है तारती. श्री भागवत भगवान की है आरतीः पापियों को पाप से है तारती. पापियों को पाप से है तारती. भागवन भगवानकी आख्नी श्री भागवत भगवान की है आरती, पापियों को पाप से है तारती. १. ये अमर ग्रंथ, ये मुक्ति पंथ, ये पंचम वेद निराला, नवज्योति जगाने वाला, हरि नाम यही हरि धाम यही, जग के मंगल की आरती. पापियों को पाप से है तारती. श्री भागवत भगवान की है आरती. [9ೆಗಯ" २. यह शांति गीत पावन पापों को मिटाने वाला, ৪২ি दरश থালা यह सुख करणी, ये दुःख हरनी, श्री मधुसूदन की आरती. पापियों को पाप से है तारती. श्री भागवत भगवान की है आरती. | ३. यह मधुर बोल, जग फंद खोल, सन्मार्ग दिखाने वाला, बिगड़ी को बनाने वाला, श्री राम यही, घनश्याम यही, श्री राम यही घनश्याम यही़ , प्रभु की महिमा की आरती पापियों को पाप से है तारती. श्री भागवत भगवान की है आरतीः पापियों को पाप से है तारती. पापियों को पाप से है तारती. - ShareChat