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संबंधित अधिकारियों ने जवाब देने से भी पल्ला झाड़ लिया। जन सूचना अधिकार अधिनियम की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार कौन है? क्या योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति सिर्फ कागजों तक सीमित है? https://www.facebook.com/share/p/1GMdAUqWF3/ #ब्रेकिंग न्यूज़
ब्रेकिंग न्यूज़ - 1391 समाचार ٦ ग्राम पंचायत कटरी छिबरामऊ में विकास घोटाले , लोकायुक्त जांच ठंडे बस्ते में बिलग्राम ( हरदोई ) ०१ फरवरी। ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत कटरी छिबरामऊ में बीते पाँच वर्षों के दौरान हुए कथित विकास घोटालों की जांच अब सवालों के घेरे में है॰ जहाँ ग्राम प्रधान पर लगे गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर ग्रामीणों द्वारा रजिस्ट्री, ऑनलाइन पोर्टल और राज्य लोकायुक्त तक बार-बार शिकायतें की गईं॰ लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति होती दिख रही है और :अंधों के देश में काना राजाः वाली कहावत चरितार्थ हो रही # ग्रामीणों के अनुसार ३१ बिंदुओं पर लोकायुक्त को सौंपे गए प्रार्थना पत्र मनरेगा के तहत कच्चे-पक्के कार्यों में लगभग 1 करोड़ १५ लाख रुपये तथा नाली-नाला निर्माण, इंटरलॉकिंग, सीसी रोड, हैंडपंप मरम्मत, स्ट्रीट प्येइके पोस्टर पेंटिंग और ग्रामसभा बैठकों जैसे कार्यों में करीब ३६ लाख रुपये घोटाले का आरोप है॰ लेकिन जाँच टीम के गठन के बावजूद पिछले दो महीनों से फाइलें पेंडिंग हैं और आरोप है कि व्यक्तिगत लाभ व राजनीतिक दबाव में बिना मौके की जांच के ही मामले को दबाया जा रहा हैः सबसे गंभीर बात यह कि आरटीआई के जरिए जाँच प्रगति को जानकारी मांगने पर भी अधिकारियों ने जवाब देने से पल्ला झाड़ लिया, जिससे जन सूचना अधिकार अधिनियम की अवहेलना हो रही है और यह सवाल खडा होता है कि योगी सरकार की खुली जीरो टॉलरेंस नीति क्या सिर्फ कागजों तक सीमित है या पंचायत राज विभाग की कार्यप्रणाली पर वास्तव में कोई जवाबदेही तय होगी। 1391 समाचार ٦ ग्राम पंचायत कटरी छिबरामऊ में विकास घोटाले , लोकायुक्त जांच ठंडे बस्ते में बिलग्राम ( हरदोई ) ०१ फरवरी। ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत कटरी छिबरामऊ में बीते पाँच वर्षों के दौरान हुए कथित विकास घोटालों की जांच अब सवालों के घेरे में है॰ जहाँ ग्राम प्रधान पर लगे गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर ग्रामीणों द्वारा रजिस्ट्री, ऑनलाइन पोर्टल और राज्य लोकायुक्त तक बार-बार शिकायतें की गईं॰ लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति होती दिख रही है और :अंधों के देश में काना राजाः वाली कहावत चरितार्थ हो रही # ग्रामीणों के अनुसार ३१ बिंदुओं पर लोकायुक्त को सौंपे गए प्रार्थना पत्र मनरेगा के तहत कच्चे-पक्के कार्यों में लगभग 1 करोड़ १५ लाख रुपये तथा नाली-नाला निर्माण, इंटरलॉकिंग, सीसी रोड, हैंडपंप मरम्मत, स्ट्रीट प्येइके पोस्टर पेंटिंग और ग्रामसभा बैठकों जैसे कार्यों में करीब ३६ लाख रुपये घोटाले का आरोप है॰ लेकिन जाँच टीम के गठन के बावजूद पिछले दो महीनों से फाइलें पेंडिंग हैं और आरोप है कि व्यक्तिगत लाभ व राजनीतिक दबाव में बिना मौके की जांच के ही मामले को दबाया जा रहा हैः सबसे गंभीर बात यह कि आरटीआई के जरिए जाँच प्रगति को जानकारी मांगने पर भी अधिकारियों ने जवाब देने से पल्ला झाड़ लिया, जिससे जन सूचना अधिकार अधिनियम की अवहेलना हो रही है और यह सवाल खडा होता है कि योगी सरकार की खुली जीरो टॉलरेंस नीति क्या सिर्फ कागजों तक सीमित है या पंचायत राज विभाग की कार्यप्रणाली पर वास्तव में कोई जवाबदेही तय होगी। - ShareChat