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#🖋शेरो-शायरी
🖋शेरो-शायरी - नज़रे तुमे देखना चाहे तो आँखों का क्या कसूर आये 7#77 पल याद तुम्हारी काक्या कसूर वैसे तो सपने पुछकर नहीं आते पर सपने तेरे ही आये तो हमारा क्या कसूर नज़रे तुमे देखना चाहे तो आँखों का क्या कसूर आये 7#77 पल याद तुम्हारी काक्या कसूर वैसे तो सपने पुछकर नहीं आते पर सपने तेरे ही आये तो हमारा क्या कसूर - ShareChat