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#❤️जीवन की सीख #गौतम बुद्ध विचार #नमो बुद्धाय #✍️ जीवन में बदलाव #मेरे विचार
❤️जीवन की सीख - मृत शरीर की आंख 36 क्यों ढकते हैं मनुष्य शरीर में कुल 9 द्वारहोते है जिसर्में से किसी एक द्वार से व्यक्ति के प्राण निकलते हैे। 2 आंखें॰ 2 कान॰ 1 मुख 2 नाक औरदो उत्सर्जन अंग। यदि मनुष्य के प्राण उसकी ऑँखों से निकलते हे तो चो बाहर आ जाती हें। यदि प्राण मुंह से निकले हे तो टेढ़ा या खुला रह जाता हे। तो नाक से खून या यदि प्राण नाक से निकले हे पानी आ जाता हे। यदि प्राण कानो से निकलते हेंतो मवाद बाहर आजाता है। यदि प्राण उत्सर्जन अंग के रास्ते निकलते हैेतो व्यक्ती मल मूत्र का त्याग करके मरता है। प्राण आसानी से शरीर नही छोड़ते अतः बह अंग कुछ विच्छेदित हो जाता है। मृत शरीर की आंख 36 क्यों ढकते हैं मनुष्य शरीर में कुल 9 द्वारहोते है जिसर्में से किसी एक द्वार से व्यक्ति के प्राण निकलते हैे। 2 आंखें॰ 2 कान॰ 1 मुख 2 नाक औरदो उत्सर्जन अंग। यदि मनुष्य के प्राण उसकी ऑँखों से निकलते हे तो चो बाहर आ जाती हें। यदि प्राण मुंह से निकले हे तो टेढ़ा या खुला रह जाता हे। तो नाक से खून या यदि प्राण नाक से निकले हे पानी आ जाता हे। यदि प्राण कानो से निकलते हेंतो मवाद बाहर आजाता है। यदि प्राण उत्सर्जन अंग के रास्ते निकलते हैेतो व्यक्ती मल मूत्र का त्याग करके मरता है। प्राण आसानी से शरीर नही छोड़ते अतः बह अंग कुछ विच्छेदित हो जाता है। - ShareChat