गरीब, धरम धसकत है नहीं, धसकें तीनूं लोक। खैरायतमें खैर हैं, कीजै आत्म पोष ।। धर्म कभी नष्ट नहीं होता। तीनों लोक नष्ट हो जाते हैं। (खैरायत) दान-धर्म करने से (खैर) बचाव है। इसलिए धर्म-भण्डारा (लंगर) करके धर्म करना चाहिए। बंदीछोड़ सतगुरू रामपाल जी महाराज #❤️जीवन की सीख #🚗🧗🏻भारत भ्रमण व सफर प्रेमी🚂⛰ #🤲अल्लाह हु अक़बर #💓 मोहब्बत दिल से


