#📲আমার প্রথম পোস্ট✨ কাশীর ব্রাহ্মণরা করৌঁত স্থাপন করে এই বিভ্রান্তি ছড়িয়েছিল যে এতে স্বর্গ প্রাপ্তি সম্ভব।
এটি ছিল একটি প্রতারণা, যা অজ্ঞতার কারণে মানুষ সত্য বলে বিশ্বাস করেছিল।
গরীবদাসজি স্পষ্ট বলেছেন যে, ভক্তি ছাড়া মোক্ষ সম্ভব নয়।
কাশীতে মৃত্যু বা করৌঁত দিয়ে গলা কাটানোতে মোক্ষ পাওয়া যায় না। কেবলমাত্র সত্য সাধনাই আত্মার মুক্তির পথ।
काशी के ब्राह्मणों ने करौंत स्थापित कर यह भ्रम फैलाया कि इससे स्वर्ग मिल सकता है।
यह एक पाखंड था, जो अज्ञानता के कारण लोगों ने सच मान लिया।
गरीबदास जी ने स्पष्ट कहा कि भक्ति के बिना मोक्ष संभव नहीं है।
काशी में मरने या करौंत से गर्दन कटाने से मोक्ष नहीं मिलता। केवल सत्य साधना से ही जीव का उद्धार होता है।


