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#☪വെള്ളിയാഴ്ച രാവ് 🌙 #🙏🏻 മാളികപ്പുറത്തമ്മ #🕉️ഓം നമഃശിവായ #🕋 ഇസ്ലാമിക് സ്റ്റാറ്റസ് 🟢 कबीरा खाई कोट की, पानी पिए न कोय। जाइ मिलै जब गंग में, तब सब गंगाजल होय॥ 🌊💧🌴
☪വെള്ളിയാഴ്ച രാവ് 🌙 - कबीर औच्चााछ्ञानिकबरका दोहा : ज्ञान कवीड़ कबीरा खाई कोट की, पानी पिए न कोय। जाइ मिलै जब गंग में, तब सब गंगाजल होय ।l अर्थ :- कबीर जी कहते हैं कि किले (कोट) की खाई पानी कोई नहीं पीता, क्योंकि वह अलग का और गंदा माना जाता है। लेकिन जब वही पानी गंगा में मिल जाता है, तो वह भी गंगाजल बन जाता है। इस दोहे का संदेश है कि जब मनुष्य मार्ग से जुड़  अच्छे लोगों और अच्छे আনা ট, নী उसका जीवन भी पवित्र और श्रेष्ठ बन जाता हैIZiZi कबीर औच्चााछ्ञानिकबरका दोहा : ज्ञान कवीड़ कबीरा खाई कोट की, पानी पिए न कोय। जाइ मिलै जब गंग में, तब सब गंगाजल होय ।l अर्थ :- कबीर जी कहते हैं कि किले (कोट) की खाई पानी कोई नहीं पीता, क्योंकि वह अलग का और गंदा माना जाता है। लेकिन जब वही पानी गंगा में मिल जाता है, तो वह भी गंगाजल बन जाता है। इस दोहे का संदेश है कि जब मनुष्य मार्ग से जुड़  अच्छे लोगों और अच्छे আনা ট, নী उसका जीवन भी पवित्र और श्रेष्ठ बन जाता हैIZiZi - ShareChat