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जय माता दी! 🙏 शुभरात्रि। आपका आज का विश्राम मंगलमय हो। आज की सीख 'धैर्य और संस्कार' पर आधारित है: जिस प्रकार एक छोटे से बीज को वृक्ष बनने के लिए मिट्टी के भीतर अंधेरे में धैर्य के साथ प्रतीक्षा करनी पड़ती है, उसी प्रकार मनुष्य के जीवन में 'संस्कार' वह मिट्टी है जो उसे थामे रखती है और 'धैर्य' वह समय है जो उसे फलने-फूलने का अवसर देता है। याद रखें, अनुशासन का अर्थ स्वयं को कष्ट देना नहीं, बल्कि अपने भविष्य को सुरक्षित करना है। जो व्यक्ति अपने माता-पिता के त्याग का सम्मान करता है और अपनी जड़ों (संस्कारों) से जुड़ा रहता है, उसे दुनिया की कोई भी आंधी हिला नहीं सकती। आज का विचार: > "शक्ति और पद विरासत में मिल सकते हैं, लेकिन संस्कार और चरित्र स्वयं की मेहनत से ही कमाने पड़ते हैं।" > #भक्ति
भक्ति - जय माता दी या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः Good night शुभ रात्रि माता रानी आपकी सभी मनोकामनाएं करे और पूर्ण उनका आशीर्वाद आप पर हमेशा बना रहे आपकी रात्रि मंगलमय हाो जय माता दी या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः Good night शुभ रात्रि माता रानी आपकी सभी मनोकामनाएं करे और पूर्ण उनका आशीर्वाद आप पर हमेशा बना रहे आपकी रात्रि मंगलमय हाो - ShareChat